बड़ा आसान है कहना
"अजी! इंसान तो गलतियों का पूतला है,
हो ही जाती है एक आद बार।"
लेकिन गौर करना
जिस दिन तूने अपनी खामियों,
के आगे,
झुकना शुरू कर दिया,
वो दिन,
जब तूने लड़ना खत्म कर दिया
वो दिन तेरी इंसानियत का अंत होगा।
महज बस इक पूतला ही रह जाएगा।
इसीलिए,
गलती हो एक बार या हजार बार,
तेरी खूद से लड़ाई जारी रहे,
तेरी लड़ाई तुझे हरा न पाए,
हो होंसले इतने बुलंद तेरे
राह से अपनी कभी न डगमगाए,
क्या मालूम इस रंजीश में,
अंतिम श्वास लेते लेते
तू जीत ही जाए ।
- #RAJJE कराखड़ दे
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