जो चीज़ आसानी से मिल जाए,
उसकी कदर नहीं होती,और
जिसे हासिल करना मुश्किल हो,
उसको पाने की हिम्मत नहीं करते।
तो भाई एक काम कर, बैठे रह कुर्सी
पर हाथ में कलम थाम और भरते रह
सफेद पन्नों को काली स्याही से
या फिर,पास में पड़ी पलंग पर लेट
आंखें बंद कर सोच, हां सोच
यह ना सोच ख्वाब पाकर जिंदगी
कितनी हसीन होगी क्योंकि
उस हसीनी के आलम में तूं
क्या मालूम संगेमरमर के फर्श पर
नंगे पांव न चल पाए
हां अगर सोच ही रहा है तो सोच
ख्वाबों में जो इक मंजिल सज़ाई है
उसके अर्श तक पहुंचा कैसे जाए।
और कड़ी मुस्कत के बाद जब
तूं अपनी मंजिल पाए,
तेरी उपलब्धि के लिए,
तिरंगा सबसे ऊंचा फहराएं,
उस जश्न के माहौल में
राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत गाएं,
गान गाते-गाते तेरी आंखें भर आए,
कोने से एक बूंद, हां केवल एक बूंद
बाहर आए,
जिसे देख करोड़ों जूवाऔं के
रोंगटे खड़े हो जाएं,
वो तुझे अपना आदर्श बनाएं,
उस इक बूंद को अगर कोई विज्ञानिक
तरीके से रक्षित किया जाए,
फिर पक्का एक ऐसा समा आए,
उस इक मोती की बोली लगाएं,
तो वो मोती कोहिनूर से भी ज्यादा किम्मत पाए ।
- #RAJJE कराखड़ दे
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